Old Pension Scheme: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला पुराना पेंशन होगा लागू कर्मचारी को मिला खुशी लहर

Old Pension Scheme : सरकारी नौकरी को भारत में हमेशा से सुरक्षित भविष्य से जोड़ा जाता रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह पुरानी पेंशन योजना रही है, जिसे आम तौर पर Old Pension Scheme कहा जाता है। यह योजना सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद जीवन भर नियमित आमदनी की गारंटी देती थी। समय के साथ भले ही यह योजना बंद कर दी गई हो, लेकिन आज भी इसकी उपयोगिता और जरूरत पर बहस जारी है।

Old Pension Scheme क्या थी?

पुरानी पेंशन योजना के तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद हर महीने निश्चित पेंशन मिलती थी। यह पेंशन कर्मचारी के अंतिम वेतन और कुल सेवा अवधि के आधार पर तय होती थी। इसमें सबसे अहम बात यह थी कि कर्मचारी को अपने वेतन से कोई पैसा जमा नहीं करना पड़ता था। पूरी जिम्मेदारी सरकार की होती थी।

Old Pension Scheme की खास बातें

पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारियों के बीच लोकप्रिय बनाने के पीछे कई कारण रहे हैं:

  • सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन मासिक पेंशन।
  • महंगाई बढ़ने पर महंगाई भत्ते का लाभ।
  • कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को पेंशन।
  • किसी भी तरह का निवेश या बाजार जोखिम नहीं।
  • बुजुर्गावस्था में आर्थिक सुरक्षा की गारंटी।

इन्हीं कारणों से OPS को कर्मचारियों के लिए सबसे सुरक्षित पेंशन व्यवस्था माना जाता रहा है।

Old Pension Scheme की नई पेंशन योजना से तुलना

साल 2004 के बाद केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना लागू की, जिससे पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त हो गई। दोनों योजनाओं में बड़ा अंतर है। जहां पुरानी पेंशन में पेंशन की राशि तय रहती थी, वहीं नई पेंशन योजना में यह निवेश पर निर्भर करती है। बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर रिटायरमेंट फंड पर पड़ता है, जिससे भविष्य अनिश्चित हो जाता है।

कर्मचारियों की नाराजगी की वजह

कई सरकारी कर्मचारी नई पेंशन योजना से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि बुढ़ापे में निश्चित आमदनी का होना बेहद जरूरी है। शेयर बाजार पर आधारित व्यवस्था में यह भरोसा नहीं मिलता। बढ़ती महंगाई, स्वास्थ्य खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियों को देखते हुए कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।

Old Pension Scheme की वापसी की मांग

पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की मांग तेज कर दी है। कई राज्यों ने कर्मचारियों की मांग को स्वीकार करते हुए OPS को फिर से शुरू भी किया है। इससे यह साफ होता है कि यह योजना आज भी प्रासंगिक है और कर्मचारियों के जीवन से सीधे जुड़ी हुई है।

पुरानी पेंशन योजना का भविष्य

OPS का भविष्य पूरी तरह सरकार के फैसलों और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। यदि सरकार कोई ऐसा संतुलित समाधान निकालती है जिसमें कर्मचारियों की सुरक्षा भी बनी रहे और सरकारी खर्च भी नियंत्रण में रहे, तो पेंशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है।

Conclusion 

पुरानी पेंशन योजना केवल एक आर्थिक सुविधा नहीं थी, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की गारंटी थी। आज जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, तब इस योजना की अहमियत और भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि OPS की वापसी की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

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